जनता परिवार को बचाने की कवायद तेज रूठे मुलायम को मानने पहुंचे शरद

लखनऊ/नयी दिल्ली, 3/9 :  सितंबर-अक्टूबर में संभावित विधानसभा चुनाव के पहले सीट शेयरिंग के मुद्दे पर नाराज सपा ने गुरुवार को महागंठबंधन को  तगड़ा झटका देते हुए अलग से चुनाव लड़ने का निर्णय किया है. सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि सीट बांटने से पहले इस मामले पर पार्टी से बात नहीं हुई. इससे पहले बिहार में पांच सीटें दिये जाने को लेकर नाराज सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने इस मुद्दे पर आज लखनऊ में बैठक बुलायी थी. इस बैठक में मुलायम सिंह समेत पार्टी के अन्य बड़े नेता मौजूद हुए. पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि बिहार में सपा महागंठबंधन से अलग चुनाव लड़ेगी. इस बीच जदयू अध्यक्ष शरद यादव आज शाम दिल्ली में मुलायम सिंह यादव के आवास पर गंठबंधन पर वार्ता करने पहुंचे हैं. सूत्रों के अनुसार, मुलायम को वे महागंठजोड में बने रहने के लिए मनाने की कोशिश करेंगे. ध्यान रहे कि शरद यादव ने मुलायम सिंह के फैसले के बाद कहा था कि बातचीत से समस्या का समाधान कर लिया जायेगा. गौर हो कि बीते दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद एवं कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता की उपस्थिति में महागंठबंधन की ओर से सीटों के बंटवारें का एलान किया था. इसके बाद मचे सियासी बवाल के बाद लालू प्रसाद ने एनसीपी को दी गयी तीन सीटों के साथ ही अपनी पार्टी के हिस्से में मिली सीटों में से दो सीटें सपा को देने का एलान करते हुए कहा कि सपा कुल पांच सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता रामगोपाल यादव ने पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई दल के संसदीय बोर्ड की बैठक में लिये गये इस निर्णय की जानकारी देते हुए संवाददाताओं को बताया कि सपा को बिहार विधानसभा चुनाव में दो और पांच सीटों के प्रस्ताव मिलने से अपना अपमान महसूस हुआ. उन्होंने कहा कि जनता परिवार के अन्य प्रमुख घटक दलों का यह फर्ज था कि सीटों का बंटवारा करने से पहले सपा से बातचीत करते. उसे तो इस बारे में जानकारी मीडिया के जरिये मिली. यह गठबंधन धर्म नहीं है. इससे पार्टी ने खुद को अपमानित महसूस किया, इसीलिये उसने कार्यकर्ताओं की भावना का सम्मान करते हुए बिहार में अपने बलबूते पूरी ताकत से चुनाव लड़ने का फैसला किया.
जनता परिवार के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा कि जब उसके गठन की कवायद शुरु हुई थी, तभी उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा था कि वह सपा के डेथ वारंट पर दस्तखत नहीं करेंगे. इससे पहले बीते दिनों महागंठबंधन में सीट शेयरिंग के मुद्दे पर नाराजगी जाहिर करते हुए एनसीपी ने पहले ही नीतीश-लालू से अपनी दूरी बना ली है. इसके साथ ही इस मुद्दे पर नाराज सपा ने बिहार में अलग से चुनाव लड़ने का एलान करते हुए महागंठबंधन को बड़ा झटका दिया है. महागंठबंधन की ओर से समाजवादी पार्टी को सीट बंटवारे के तहत सिर्फ 5 सीटें मिली हैं. जिसको लेकर प्रदेश पार्टी इकाई के नेताओं ने सपा मुखिया के समक्ष अपनी बात रखी थी. इसी मसले पर पार्टी की संसदीय बोर्ड ने इस मुद्दे पर फैसला लेते हुए कहा कि बिहार में सपा अकेले चुनाव लड़ेगी.
उल्लेखनीय है कि बीते रविवार को महागंठबंधन की ओर से पटना के गांधी मैदान में आयोजित स्वाभिमान रैली में मुलायम सिंह के शामिल नहीं होने के बाद से इस बाद की चर्चा जोर पकड़ने लगी थी कि महागंठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. हालांकि लालू प्रसाद के प्रयासों के बाद सपा मुखिया के भाई एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव इस रैली में पहुंचे थे और नीतीश-लालू-सोनिया के साथ मंच साझा करते हुए जनसभा को संबोधित भी किया था.

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