सिंगूर उत्सव के दिन किसानों को जमीन लौटायेंगी सीएम ममता

कोलकाता, 11/9 : 14 सितंबर को सिंगूर उत्सव मनाया जायेगा. इसी दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सिंगूर के किसानों को उनकी जमीन लौटाना चाहती हैं.

करीब एक दशक की लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के हक में फैसला सुनाया. अब तृणमूल सरकार किसानों को उनकी जमीन वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. 14 सितंबर को मुख्यमंत्री 14 किसानों को उनकी जमीन के कागजात देंगी, जबकि 15 कृषकों को जमीन के बदले मुआवजा दिया जायेगा.
बता दें कि सिंगूर में जमीन मापी का काम अंतिम चरण में है. इसकी पूरी रिपोर्ट राज्य सचिवालय (नवान्न भवन) में जमा दी जायेगी, जिसकी जांच खुद मुख्यमंत्री करेंगी. हुगली के डीएम के निर्देश पर सिंगूर पंचायत समिति कार्यालय में शनिवार से नोटरी काउंटर खोला गया है, ताकि किसानों को जमीन की दलील का हलफनामा बनवाने के लिए कोर्ट नहीं जाना पड़े. भूमि व भूमि राजस्व विभाग में टाटा कंपनी की परियोजना के अंतर्गत पड़ने वाले पांच ब्लॉकों (बाजेमेलिया, खासेरभेड़ी, बेड़ाबेड़ी, गोपालनगर व सिंहभेड़ी) की जमीन के दस्तावेज की जांच की जा रही है. यह काम शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम की निगरानी में हो रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री से किसानों को दिये जाने वाले मुआवजा की राशि और बढ़ाने की अपील की है.
शुरू हुआ शपथ पत्र  बनाने का काम
हुगली. सिंगूर बीडीओ कार्यालय में अनिच्छुक किसानों को जमीन लौटाने के लिए शपथ पत्र बनाने का काम शुरू हुआ. शनिवार को नगर और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम सिंगूर पहुंचे. उनके  साथ वहां कृषि विपणन मंत्री तपन दासगुप्ता, चुचुड़ा के विधायक असित मजुमदार सहित कई अन्य नेता मौजूद थे. सिंगूर के पांच मौजा के किसान जो चलने में असमर्थ हैं, उन्हें गाड़ी से बीडीओ कार्यालय लाने की व्यवस्था की गयी है. साथ ही शनिवार को सिंगूर में चल रहे सफाई कार्यों का जायजा जिलाधिकारी संजय बंसल ने लिया. सफाई कर्मियों को सर्पदंश से बचाने के लिए 500 गम जूते की व्यवस्था की गयी है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अधिग्रहण की गयी 997.11 एकड़ जमीन में से आगामी 14 सितंबर तक 600 एकड़ जमीन की सफाई हो जाने की संभावना जतायी जा रही है. गोपालनगर मौजा के दुर्गापुर एक्सप्रेस हाईवे पर सभा की तैयारी भी हो रही है.
 महानगर लौटीं मुख्यमंत्री
कोलकाता.  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सारधा घोटाले में शामिल होने के आरोप में करीब दो साल पहले गिरफ्तार हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा की रिहाई पर  टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. मुख्यमंत्री शनिवार सवेरे  ही वेटिकन और जर्मनी की आठ दिन की यात्रा से लौटी हैं. दमदम एयरपोर्ट पर जब मीडिया ने उनसे मदन मित्रा की रिहाई पर टिप्पणी देने के लिए कहा तो उन्होंने अपने पूर्व मंत्रिमंडलीय सहयोगी की रिहाई पर  कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. मदन मित्रा को शुक्रवार को अलीपुर अदालत ने जमानत दी थी आैर शनिवार सवेरे वह जेल से बाहर निकले. बहरहाल मुख्यमंत्री के साथ विदेश यात्रा से लौटे कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मदन मित्रा की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित थी. उन्हें गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं थी.  खेल एवं परिवहन मंत्री रह चुके मदन मित्रा को सीबीआई ने 12 दिसंबर 2014 को गिरफ्तार किया था.
     मुख्यमंत्री ममजा बनर्जी शनिवार सवेरे  एक सप्ताह के बाद इटली व जर्मनी की यात्रा पूरी कर महानगर लौट आयीं.  मुख्यमंत्री वेटिकन सिटी में मदर टेरेसा को संत की उपाधि दिये जाने के समारोह में शिरकत करने और बंगाल में जर्मनी के संभावित निवेशकों से बातचीत के लिए गयी थीं.  इसके अलावा उन्हें रोम की प्रथम महिला मेयर वर्जीनिया रग्गी द्वारा आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया गया था. इसके बाद ममता बनर्जी रोम से जर्मनी के म्यूनिख गयीं,  वहां उन्होंने जर्मनी की प्रमुख वाहन कंपनी बीएमडब्ल्यू के प्रमुख समेत कई निवेशकों से पश्चिम बंगाल में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत की.

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