येदियुरप्पा का बढा संकट,भ्रष्टाचार के 3 मामले हुए दर्ज

बेंगलुरू, २०/६ ः  कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री बीएसयेदियुरप्पा के खिलाफ उनके कार्यकाल के दौरान बेंगलुरू और इसके आसपास की जमीन को कथित रूप से सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने को लेकर भ्रष्टाचार के तीन मामले दर्ज किए हैं।

लोकायुक्त के एक अधिकारी ने आईएएनएस को शनिवार को बताया,भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रपट के आधार पर एक सामाजिक कार्यकर्ता (जयकुमार हीरेमथ)की शिकायत पर येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। सरकार द्वारा जमीन को गैर-अधिसूचित करने तथा बैंगलोर विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा जमीन आवंटित करने पर कैग की रपट 2012 में विधानसभा में पेश की गई थी। उस समय राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार थी। येदियुरप्पा,जो इस समय भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है,ने 31 जुलाई, 2011 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने इस्तीफा लोकपाल न्यायमूर्ति एन संतोष हेगडे द्वारा करोडों रूपये के खनन घोटाले में उनके खिलाफ अभियोग चलाए जाने के बाद दिया था। येदियुरप्पा फिलहाल शिमोगा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। कैग की रपट के अनुसार, 40 भूखंडों को 2007-2012 के दौरान गैर-अधिसूचित किया गया था, जब जद(एस) विधायक एचडी कुमारस्वामी जद (एस)-भाजपा गठबंधन के मुख्यमंत्री थे और येदियुरप्पा मई 2008 से जुलाई 2011 तक मुख्यमंत्री थे। अधिकारी ने बताया,येदियुरप्पा राज्य के शहरी विकास विभाग के चार अधिकारियों, बीडीए और जमीन मालिकों के साथ पहले आरोपी हैं।

येदियुरप्पा ने अपने कार्यकाल के दौरान शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रखी थी। जो भूखंड राज्य के नियंत्रण से मुक्त किए गए, वे शहर के उपनगरीय इलाके में स्थित हैं, जिससे राजकोष को काफी नुकसान हुआ था। हीरेमथ ने 2013 में कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और अवैध जमीन सौदे की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। उच्च न्यायालय ने उन्हें पहले लोकायुक्त से संपर्क करने का निर्देश दिया था, क्योंकि यह शिकायत और जांच के लिए उचित संस्था है।

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