पूर्व सैन्यकर्मी सरकार से खुश नहीं, कहा-हमें प्रधानमंत्री से मिलना है

नई दिल्ली,4/9 : वन रैंक-वन पेंशन-ओआरओपी की मांग कर रहे पूर्व सैन्यकर्मियों ने शुक्रवार को कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे आंदोलन तेज करेंगे। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनरत पूर्व सैनिकों का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पांच बार पत्र लिखकर मुलाकात के लिए समय मांगा,लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मेजर जनरल-सेवानिवृत्त सतबीर सिंह ने संवाददाताओं से कहा,हमने प्रधानमंत्री को पांच बार खत लिखा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। हम उनसे मिलना चाहते हैं।

इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वन रैंक, वन पेंशन पर एकतरफा घोषणा करने की योजना बना रही है, लेकिन सरकार को इसके प्रावधानों को कमजोर नहीं करने दिया जाएगा। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैन्यकर्मियों को संबोधित करते हुए सतबीर सिंह ने कहा कि वे अन्याय के खिलाफ लड रहे हैं, उनका मुकाबला किसी भी सरकार या राजनीतिक पार्टी से नहीं है। उन्होंने कहा कि लोक सेवकों से अलग सिर्फ एक फीसदी सैन्यकर्मी ही 60 वर्ष की उम्र तक सेवा में रहते हैं।

सैन्यकर्मियों में लगभग 85 फीसदी 40 वर्ष की उम्र से पहले ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। सतबीर सिंह ने कहा,हमारी मांगों के अनुरूप ओआरओपी नहीं दी गई, तो हम आंदोलन तेज करेंगे। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि वे कुछ हद तक समझौते के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा,यदि सरकार की घोषणा हमारे हितों के विरूद्ध होगी, तो हम उसका विरोध करेंगे। सतबीर ने जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल को सैनिक संसद कहा। उनके संबोधन के दौरान सैक़डों पूर्व सैन्यकर्मी भारत माता की जय और सैनिक एकता जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। वन रैंक, वन पेंशन की मांग को लेकर पूर्व सैन्यकर्मियों ने जून में प्रदर्शन शुरू किया था। कुछ पूर्व सैन्यकर्मी 17 अगस्त से ही भूख हडताल पर हैं। उनके साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए देश के 60 अन्य शहरों में भी क्रमिक भूख हडताल की जा रही है।

Comments

comments