जंग ने प्रधान सचिव का तबादला किया रद्द,केजरी ने जडा ताला

नई दिल्ली,१८/५ः  दिल्ली की केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच कार्यकारी सचिव शकुंतला गैमलिन के नियुक्ति से शुरू हुआ विवाद बढता ही जा रही है। ताजा घटनाक्रम में उपराज्यपाल के साथ अपनी लडाई को एक कदम और आगे ले जाते हुए दिल्ली सरकार ने सोमवार प्रमुख सचिव (सेवा) अनिंदो मजूमदार के कार्यालय पर ताला लगा दिया, तो दूसरी ओर उपराज्यपाल नजीब जंग ने सेक्रेटरी (सर्विसेस) के पद पर राजेंद्र कुमार की नियुक्ति को रद्द कर दिया है।
उपराज्यपाल ने आदेश की कॉपी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और प्रिंसिपल सेक्रेटरी को भेजी है। कुछ समय से उपराज्यपाल नजीब जंग और दिल्ली सरकर के बीच प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर ठनी हुई है। मजूमदार ही वह अफसर हैं, जिन्होंने उपराज्यपाल की अनुशंसा पर शकुंतला गैमलिन को कार्यकारी मुख्य सचिव नियुक्त किए जाने का आदेश जारी किया था। इसके बाद राजेंद्र कुमार को केजरीवाल सरकार ने अनिंदो मजूमदार की जगह नियुक्त किया था।
मजूमदार के ट्रांसफर को मंजूरी नहीं…
एलजी ने अब तक मजूमदरा को सेवा विभाग से हटाकर उनका ट्रांसफर किए जाने के के आदेश को मंजूर नहीं किया है। केंद्र ने भी दिल्ली सरकार के प्रशासनिक कामकाज पर सवाल उठाए हैं। वहीं, दिल्ली सरकार का कहना है कि मजूमदार को हटाना एलजी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। दिल्ली सरकार ने कहा है कि मजूमदार ने मंत्रिमंडल की सलाह को दरकिनार किया था इसलिए अब वह दिल्ली के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नहीं हैं।
मजूमदार के दफ्तर पर सरकार ने जडा ताला…
इससे पहले दिल्ली के उपराज्यपाल से अपनी जंग को बढाते हुए केजरीवाल सरकार ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी (सर्विसेस) अनिंदो मजूमदार के दफ्तर में सोमवार को ताला लगवा दिया। दिल्ली सचिवालय की सातवीं मंजिल पर मजूमदार का दफ्तर है। बता दें कि मजूमदार ने ही उपराज्यपाल नजीब जंग की सिफारिश के बाद शकुंतला गैमलिन की कार्यकारी सचिव के पद पर नियुक्ति का आदेश जारी किया था। इससे नाराज दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने शनिवार को मजूमदार को पद से हटाने का आदेश जारी किया था और उनकी जगह राजेंद्र कुमार को नियुक्त किया। लेकिन उपराज्यपाल खुलकर मजूमदार के पक्ष में उतर आए।
उन्होंने दिल्ली सरकार के उस आदेश को निरस्त करते हुए मजूमदार को उनके पद पर बहाल कर दिया। दिल्ली सरकार का कहना है कि केंद्र शासित क्षेत्र में तबादले और नियुक्ति का अधिकार उनके पास है। दिल्ली सरकार का कहना है कि मजूमदार ने राज्य सरकार के आदेश की अवहेलना की है। साथ यह भी कहा कि यहां तक उपराज्यपाल के पास भी यह अधिकार नहीं है कि वह दिल्ली सरकार का आदेश निरस्त करे और न ही इस बारे में उपराज्यपाल की ओर से कोई चिटी प्राप्त हुई है।

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