आंध्र:144 साल बाद गोदावरी महा पुष्करालु मेला,भगदड में 29 मरे

हैदराबाद, 14/7 : आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले के राजामुंदरी में चल रहे पुष्कर मेले में मंगलवार सुबह स्नान के दौरान भगदड मच गई। इसमें अब तक 29 लोगों के मारे जाने की खबर है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। कई लोग घायल भी हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। सरकार ने मरने वालों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रूपये मुआवजे का ऎलान किया है। यह पुष्कर मेला 144 साल में एक बार राजामुंदरी में गोदावरी नदी के तट पर लगता है। यह भगदड पूर्वी गोदावरी जिले के राजामुंदरी के कोठागम्मा स्नान घाट पर मची। मंगलवार सुबह यहां हजारों की संख्या में लोग स्नान करने पहुंचे थे। भगदड मचने की वजह का पता नहीं चल पाया है। घायलों को प्राथमिक उपचार देकर नजदीक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं। मेले में तैनात अफसरों को मुस्तैद रहने को कहा गया है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगदड में मारे गए लोगों के प्रति दुख जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों और घायलों के परिवार के लिए टि्वटर पर संवेदनाएं जताईं।

144 साल में एक बार होता है “पुष्करालु”

गोदावरी के तट पर मंगलवार को जुटे श्रद्धालु 144 साल में एक बार होने वाले “गोदावरी महा पुष्करालु” में शामिल होने आए थे। 12 दिन का यह मेला महाकुंभ की तर्ज पर ही होता है। इसमें तेलंगाना और आंध्र के लाखों लोग हिस्सा लेने पहुंचे हैं। यह महाराष्ट्र-छत्तीसगढ से गुजरकर आंध्र तक जाने वाली 1465 किमी लंबी गोदावरी नदी के तट पर होता है। इस महा पुष्करालु में गोदावरी नदी में डुबकी लगाने की परंपरा है। आंध्र प्रदेश के ईस्ट और वेस्ट गोदावरी जिले में श्रद्धालुओं के स्नान के लिए कुल 263 घाट बनाए गए हैं। तेलंगाना में 106 घाट बने हैं।

राजामुंदरी में पिछली बार 2003 में यह मेला लगा था। लेकिन वह सिर्फ “पुष्करालु” था। इस बार 144 साल बाद बने दुर्लभ संयोग के कारण यह “गोदावरी महा पुष्करालु” है। इस बारे में राजामुंदरी के सरस्वती घाट के पुजारी आई. शंकरा शर्मा ने मीडिया को बताया कि इस साल बृहस्पति (ज्यूपिटर) सिंह (लिओ) राशि में प्रवेश कर रहा है। ऎसा ही मुहूर्त 144 साल पहले भी आया था इसलिए यह महा पुष्करालु है। ऎसा अगला संयोग और महापुष्करालु 2159 में आएगा।

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