मणिपुर में आतंकी घात,20जवान शहीद,एनआईए को सौंपी जांच

इम्फाल,५/६ः मणिपुर के चंदेल जिले में गुरूवार को उग्रवादियों के हमले में सेना के 20 जवान शहीद हो गए, जिनमें एक जेसीओ भी शामिल है। इसके अलावा 12 जवान घायल हुए हैं।शहीद हुए जवानों में एक जेसीओ, सात ओआरएस, एक एसआईजी कॉन्सटेबल, एक एएससी ड्राइवर हैं। हाल के वर्षों में सेना के इतने जवानों के शहीद होने की यह सबसे बड़ी घटना है।केंद्र सरकार ने हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी-एनआईए को सौंप दी है।हमले का जिम्मा नए बने संगठन युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ वेस्टर्न साउथ ईस्ट एशिया ने ली है। ये नया संगठन एनएससीएन-के,उल्फा-आई, कामतापुर लिबरेशन ऑरगनाइजेशन व एनडीएफबी-सोंगबिजित को मिलाकर बनाया गया हैं। उल्फा-आई नेता परेश बरूआ ने टीवी चैनलों पर कहा कि युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ वेस्टर्न साउथ ईस्ट एशिया के अध्यक्ष एसएस चाापलांग के निर्देश पर ये हमला किया गया है।

आतंकवादियों ने यह हमला सुबह साढे आठ बजे के करीब आईजीएआर दक्षिण इम्फाल के 26वें सेक्टर की 6 डोगरा रेजिमेंट के वाहन पर घात लगाकर किया। यूनिट मोलटुक गांव से लौट रही थी, तभी आतंकियों ने रॉकेट लॉन्चर्स और बंदूकों से हमला कर दिया। सूत्रों के मुतबिक पहले सेना के ट्रक पर रॉकेट लॉन्चर से हमला किया गया और गन फायर भी किए गए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 6 डोगरा रेजीमेंट का एक दल इंफाल से लगभग 80 किलोमीटर दूर तेनगनोउपाल-न्यू समतल रोड पर नियमित गश्ती (आरओपी) पर था। उसी समय एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सपलोसिव डिवाइस (आईईडी) से एक अज्ञात उग्रवादी संगठन ने घात लगाकर उन पर हमला किया।

सूत्रों के मुताबिक सेना की जवाबी कार्रवाई में पांच उग्रवादी भी मारे गए हैं। सेना के ऑपरेशन के लिए ये इलाका आसान नहीं है, क्योंकि यह पहाड़ी इलाका है और चारों ओर घने जंगल हैं। इस कारण हमला होने पर भी जबाबी कार्रवाई तुरंत नहीं हो सकी। खबर है कि बड़ी मुश्किल से से इस इलाके से मारे गए जवानों के शव निकाले गए।

उग्रवादियों ने असम राइफल्स की टुकडी द्वारा कथित तौर पर एक महिला की हत्या के विरोध में बुधवार को चंदेल में बंद का एलान किया गया था। खबर से जुडी और जानकारी की प्रतीक्षा है।

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