भूकंप में एवरेस्ट अटल,काठमांडू खिसका: मौतें होंगी 10000पार

नई दिल्ली,२९/४ः  नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोईराला ने मंगलवार को भारत, चीन और अमेरिका के राजदूतों से कहा कि विनाशकारी भूकंप में मृतकों की संख्या 10,000 तक पहुंच सकती है। कोईराला ने बताया कि शनिवार को आए विनाशकारी भूकंप में अब तक 4,400 के करीब लोगों की मौत हो चुकी है तथा घायलों में अनेक की हालत गंभीर है, साथ ही सैकडों की संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस भूकंप से काठमांडू शहर तीन मीटर (10 फीट) खिसक गया है। हालांकि दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एवरेस्ट के भूगोल में किसी बदलाव के संकेत नहीं हैं।काठमांडू में कोईराला के मीडिया सलाहकार प्रकाश अधिकारी ने बताया कि कोईराला ने राजदूतों से कहा है कि इन सभी को मिलाकर देखा जाए तो मृतकों की संख्या 10,000 तक पहुंच सकती है। कोईराला के अनुमान के मुताबिक, यह नेपाल के इतिहास का सबसे विनाशकारी भूकंप साबित हो सकता है। कोईराला ने साथ ही भूकंप पीडितों की मदद तथा नेपाल को पुनर्निर्मित करने में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से और मदद की गुहार भी लगाई है तथा मदद में तेजी लाने की मांग की है।

इस बीच, मंगलवार दोपहर काठमांडू में बारिश के कारण बचाव व राहत कार्य बाधित हो गया। बारिश के कारण ठंड बढ गई और तापमान गिर कर 13 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। नेपाल के लांगनखेल में इंडियन आर्मी ने 45 बेडों का अस्थाई अस्पताल बनाया है, जिसमें भूकंप पीडितों का इलाज किया जा रहा है। माउंट एवरेस्ट पर चढाई करने वाले सभी बेस कैंप पर्वतारोही सुरक्षित हैं। भूकंप के बाद एवलांच के कारण खंबू में बेसकैंप 2 में लगे सभी टेंट तबाह हो गए है।

हेलिकॉप्टर के जरिए पहाड से पर्वतारोहियों को नीचे लाया जा रहा है। नेपाल में भारत सरकार ने भारतीयों को रेस्क्यू करने का काम तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारतीयों को लाने के लिए 100 बसें नेपाल पहुंच चुकी हैं। मंगलवार दोपहर तक 36 बसें गोरखपुर के लिए रवाना हुई हैं जिनमें करीब 2 हजार भारतीय सवार हैं।

एवरेस्ट की ऊंचाई पर इसका असर नहीं

सिडनी: भू-वैज्ञानिक इससे नेपाल के भूगोल में आए बदलावों को समझ रहे हैं। भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस भूकंप से काठमांडू के नीचे की जमीन कुछ मीटर खिसक गई, लेकिन माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई पर इसका असर नहीं पडा है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के टेक्टॉनिक्स एक्सपर्ट जेम्स जैक्सन ने बताया कि भूकंप के बाद के शुरूआती डेटा से संकेत मिले हैं कि काठमांडू के नीचे की जमीन तीन मीटर (करीब 10 फीट) दक्षिण की ओर खिसक गई है।

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