Militants storm university in Pakistan, 25 killed

 पाकिस्तान की बच्चा खान यूनिवर्सिटी पर आतंकी हमला

   पेशावर, 21/1: पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के अशांत खैबर-पख्तूनख्वाह प्रांत के चारसद्दा जिले में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने बुधवार को प्रतिष्ठित बाचा खान विश्वविद्यालय में घुस कर छात्रों और शिक्षकों पर अंधाधुंध गोलियां चलायीं और ग्रेनेड से विस्फोट किये. इसमें एक प्रोफेसर समेत कम से कम 25 लोगों की मौत हो गयी और करीब 50 अन्य लोग घायल हो गये.

मुठभेड़ में विवि के चार सुरक्षाकर्मी और एक पुलिसकर्मी की मौत हो गयी. बाद में पेशावर से सेना वहां पहुंची और चार आतंकवादियों को मार गिराया.

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि पेशावर के दक्षिण-पश्चिम में करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित विश्वविद्यालय में बंदूकधारियों ने कक्षाओं एवं छात्रावासों में छात्रों और शिक्षकों के सिर पर गोली मारी. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता और प्रांतीय सांसद शौकत यूसुफजई ने कहा कि घायलों को अस्पताल में भरती कराया गया है. शहर के सभी अस्पतालों में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गयी है. सभी स्कूल बंद कर दिये गये. उन्होंने बताया कि हमले को चार से 10 हमलावरों ने अंजाम दिया. एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, तकरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी)  ने हमले की जिम्मेदारी ली है.

हमलावर आतंकवादियों की आयु 18 से 25 वर्ष के बीच है. लेकिन, टीटीपी के प्रवक्ता ने इससे इनकार किया है और हमले की निंदा की है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन और  प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकवादी हमले की निंदा की. शरीफ ने हमले में लोगों की  कीमती जानें चली जाने पर दु:ख प्रकट किया और कहा कि निर्दोष छात्रों और  नागरिकों पर हमला करनेवालों का कोई धर्म नहीं होता. कहा, ‘सरकार उनका (आतंकवादियों का) सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध है.’ नेशनल असेंबली  के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर, पंजाब, खैबर पख्तूनख्वाह और सिंध के  मुख्यमंत्रियों और तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान ने भी हमले की निंदा  की है. ज्ञात हो कि16 दिसंबर, 2014 को आतंकवादियों ने पेशावर में आर्मी स्कूल में घुसकर 150 से ज्यादा लोगों को मार डाला था, जिसमें अधिकतर बच्चे थे.

उमर मंसूर ने ली जिम्मेदारी, टीटीपी ने की हमले की निंदा
हमले को पेशावर आर्मी स्कूल पर हुए हमले के मास्टरमाइंड उमर मंसूर ने अंजाम दिया. प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान गीदर ग्रुप ने फेसबुक पर यह दावा किया. साथ ही कहा कि उसने चार आतंकवादियों को हमले के लिए विश्वविद्यालय में भेजा था. वहीं, टीटीपी के प्रवक्ता मोहम्मद खोरासनी ने एक बयान जारी कर मंसूर के दावे को खारिज कर दिया. खोरासनी ने हमले की निंदा की और इसे ‘शरीया के विपरीत’ बताया. साथ ही खोरासनी ने ‘टीटीपी के नाम का इस्तेमाल करनेवालों को’ अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी.

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