नेपाल बोला,भारतीय मदद”ब्लैंक चेक” जैसी,फंसे भारतीयों में ज्यादा राजस्थानी

काठमांडू,२९/४ः नेपाल ने शनिवार को आए भूकंप के बाद तेजी से बडे पैमाने पर राहत अभियान शुरू करने के लिए मंगलवार को भारत को धन्यवाद दिया और कहा कि भारत की प्रतिक्रिया “ब्लैंक चेक” देने जैसी रही। नेपाल के मनोनीत राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने काठमांडू हवाई अड्डे पर जमा भीड को लेकर भी चिंता जताई जिसके कारण पीडितों तक सहायता पहुंचने में देरी हो रही है।उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “भारत ने राहत अभियान की शुरूआत की, जिसका अन्य देशों ने अनुसरण किया। भीषण भूकंप के बाद “ब्लैंक चेक” देने के लिए हम भारत सरकार के प्रति कृतज्ञ हैं। भारत ने हमारी मदद के लिए बहुत कुछ किया है।” उन्होंने कहा, “भारत सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों तक विशेष ट्रेनें चलाने का हमारा अनुरोध भी स्वीकार कर लिया है। ताकि घर लौटने के इच्छुक लोग वापस जा सके। सेवाओं को मांग के आधार पर बढ़ाया जाएगा.”हिमालयी राष्ट्र में चौबीसों घंटे जारी राहत कार्य में अवरोधों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि काठमांडू हवाई अड्डे पर भी़ड सबसे प्रमुख मुद्दों में है. इसके कारण राहत सामग्री ले जाने और सामान्य यात्री उ़डाने शुरू करने में दिक्कत आ रही है. दीप कुमार उपाध्याय ने विश्वास जताया कि कुछ हद तक बिजली आपूर्ति बहाल कर ली जाएगी क्योंकि भारत और नेपाल दोनों देशों के बिजली ग्रिड अधिकारी लगातार इस दिशा में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा, “बिजली आपूर्ति की पुनर्बहाली का अर्थ होगा संचार की पुन:बहाली, इससे वहां मौजूद परेशान लोगों में उर्जा का संचार होगा।”

नेपाली दूतावास ने भूकंप प्रभावित लोगों के लिए नि:शुल्क हेल्पलाइन नंबर 18002700032 शुरू किया है। इसके लिए एक विशेष फेसबुक पेज “नेपाल, दूतावास नयी दिल्ली” भी शुरू किया है। दूतावास ने अपना राहत कोष भी शुरू किया है. जिसमें नेपाल भूकंप त्रासदी के शिकार लोगों की मदद के इच्छुक लोग धन दान कर सकते हैं। भूकंप से हुई हानि के बाद नेपाल में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया है।

पीएम कोईराला ने कहा कि लोगों को सुरक्षित निकालना उनकी प्राथमिकता है। भूकंप के बाद नेपाल में फंसे दिल्ली पहुंचने वाले भारतीयों में ज्यादातर राजस्थान के रहने वाले हैं।

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